Wednesday, March 4, 2020

Be loyal to your peace of mind

ज़िन्दगी ....

अजीब सी है ये ज़िन्दगी । कुछ समझ ही नहीं आता।

जब हम छोटे थे तो मां पापा ने सिखाया की , कभी किसी को झूठ मत बोलो, कभी किसी को नीचा ना दिखाओ , कभी अपने फायदे के लिए दूसरों का नुक़सान ना करो , हमेशा सच कहो , जो गलत है उसे गलत कहो , किसी का भला करने के लिए उसके नजर में भले बुरे बन जाओ मगर उसे फिर भी समझो इत्यादि। 

मैं जैसे जैसे बड़ी हुई , अपने ज़िन्दगी में हर वो चीज़ करने लगी । मगर मैं नादान थी । बहुत देर लग गई ये समझने में कि ये सब किताबी बातें है । जिन्हे सिर्फ तुम्हे सुनना है और भूल जाना है । 

जब भी मैंने सोचा कि चलो अब बहुत हुआ , अब तो गलत को गलत कहते है , सच को सच कहते है , एक सच्ची दोस्ती एक सच्चा रिश्ता बनाते है .... तब तब मुझे ये समझाया गया कि तुम हो कौन । ये सब तो यह सदियों से चलता आया है चलता रहेगा । तुम्हे लोगो को समझना नहीं आता । And you don't have good sense of humor . 

तुम ये सब कैसे सोच सकती हो या बोल सकती हो । कभी मां पापा की खुशियों के लिए , कभी अपने खुद के पढ़ाई career के लिए बस चुप रहो, कभी दूसरों कि खुशियों के लिए , कभी रिश्तों को बचाने के लिए चुप रहो । जो जैसा चल रहा चलने दो । 

सबसे मज़े की बात जो बचपन से सिखाया जाता है , जब बड़े हो जाना या ज़िन्दगी में कुछ बन जाना तब कहना । 😊

तो ऐसी है ये दुनिया याहा अगर आपको गलत को गलत सही को सही कहना है तो आपको कुछ बनाना पड़ेगा । ये क्या बनाना पड़ेगा अभी तक नहीं समझ आया । 

अब मुझे लोग ये के रहे है कि खुद को बदलो तुम सही नहीं हो ।

Yes!!! I am too extreme . I don't cut out to be with someone . I either love them too much or I just doesn't care .